बल , शक्ति , वीयँ वधँक योग





  • सालम मिश्रि , सकाकूल वाली मिश्रि , सफेद रंग की तोहरि , तालमखाना , सरवाला के बीज , सफेद मुसली , काली मुसली , ठाक के फूल , बरहद के फल,मोचरस ,   नागौरि अश्वगंधा , गोरखमुंडी , बैगन के बीज , गोखरू बडे



  • सभी चीजे २०-२० ग्राम लेकर चूरन बना ले.



  • सुबह शाम - चमच २०० मीली भैंस के दूध के साथ ले. 

  • महिने के नियमीत सेवन से बल वीयँ स्मरण -शक्ति मे व्रुद्धि होती



  • पूरूषो की जातीय कमजोरि दूर होती है.



  • वीयँ को गाठा बनाकर समस्त वीयँदोष के कारन होने वाले रोग ऐवं  जातिय रोगो को जड से मिटाता है.





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