ददँ को कहे अलविदा
👉 जोडो का ददँ
👉 धुटनो का ददँ
👉 सवाँईकल
👉 फ्रोजन शोल्डर
👉 स्लीप् डीस्क
👉 हाथ -पैरो का ददँ
👉 आथँराईटीस
👉 हाथ-पैरो की अकडन
👉 केल्शीयम की कमी
👉 संधिवात्
👉 आमवात्
👉 कमरददँ
👉 उपर दी गई सभी समस्या को दूर करने मे कारगर साबीत हूवा हे ये चूरन
बनाने की रित
सहजन की पत्ते 100 ग्राम
गोखरू 30 gms
शंखभस्म 20 gms
प्रवाल भस्म 15 gms
रास्ना 30 gms
देवदार 30 gms
सौंठ 30 gms
अश्वगंधा 30 gms
साबूत गुगुल 20 GMs
- उपर दी गई सभी जीजो को मीक्स करके चूरन बना दे.
- रोज सूबह -शाम १-१ चमच गुनगुने पानी से ले.
- कब्ज ना रहे ईसलीऐ हरडे चूरन १ चमच रोज रात ले़ गुनगुने पानी के साथ
- ३-४ महिने के ईस्तेमाल से आपका ददँ चला जायेगा.
- मिरगी की अवस्था मे रोगी अचेतन अवस्था मे हो जाता है.तथा उसकी चेतना लूप्त हो जाती है.
सामग्री:-
👉 तुलसी
👉 कायफल.
👉 पीपल
👉 सौंठ
👉. पीपरामूल
👉 बायविडंग
👉 अक्कलकरा
👉 बाम्ही
बनाने की ऐवं खूराक माञा ऐवं रीत
- सभी चीजे समान लेकर कूटकर छानकर मीक्स करके चूरन बनाले
अनूपान :-
👉 रोज सूबह -शाम २-२ ग्राम चूरन को गूनगूने पानी के साथ ले.
👉 १५-२० दीन रेग्युलर लेने से मिरगी रोग मे बहोत फायदा होता है.
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