गठिया (आमवात ) का ईलाज
- आयुवैद के मतानुसार वायु से ८० प्रकार के रोगो का जन्म होता है.वायु प्रकोपित होकर कई प्रकार के रोगो को जन्म देता है.
- आयुवादके मतानुसार गठिया रोग कष्टसाध्य है. जीसमे रोगी के जोडो मे अत्यंत वैदना होती है.ऐवं गलत खान-पान ऐवं अधिक परिश्रम रोग को न्योता दैता है.
गठिया रोग का ईलाज
- सौंठ + गीलोय को समभाग लेकर चूरन बनाकर ३-३ ग्राम की माञा गरम पानी के साथ सेवन करे.
- गंधक ( साबूत )१० + पीली हरड१० + बहेडा १० + ऐरंडी का तैल १० ग्राम मे मीला दै.
रोज १० ग्राम की माञा मे सेवन करे. १० दिन मे रोग शांत हो जायेगा.
- ईन्दायण की जड + शुद्ध कूचला + कालीमीचँ को समभाग लेकर कूटकर चूरन बना ले. ऐवं शहद के साथ मिक्स करके चने के आकार की गोलीया बना ले. ऐक गोली राञि मे सोते समय ताजा पानी के साथ ले. गठिया ऐवं वा़यु के ददँ के लिऐ यह सवौँतम उपचार है.
- गुग्गुल 80 ग्राम + पूरानागुड 100 ग्राम + कीमाञामेमीलाकरसुबह -शाम 3-3 ग्रामकीमाञामे 30 दिनोतकलेनेसेरोगठिकहोजाताहै.
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