पीलिया (कामला, पाण्डु)
एक कच्ची मूली रोजाना सुबह सोकर उठने के बाद ही खाते रहने से कुछ ही दिनों में ही पीलिया रोग ठीक हो जाता है। 125 मिलीलीटर मूली के पत्तों के रस में 30 ग्राम चीनी मिलाकर सुबह के समय रोगी को पिलाएं , इसे पीते ही लाभ होगा और 1 सप्ताह में रोगी को आराम मिल जाएगा। मूली में विटामिन ` सी ´, लौह , कैल्शियम , सोडियम , मैग्नेशियम और क्लोरीन आदि कई खनिज लवण होते हैं , जो लीवर ( जिगर ) की क्रिया को ठीक करते हैं। अत : पाण्डु ( पीलिया ) रोग में मूली का रस 100 से 150 मिलीलीटर की मात्रा में गुड़ के साथ दिन में 3 से 4 बार पीने से लाभ होता है। मूली का रस 10-15 मिलीलीटर 1 उबाल आने तक पकाएं। बाद में उतारकर 25 ग्राम खांड या मिश्री मिलाकर पिलाएं , साथ ही मूली और मूली का साग खिलाते रहने से पीलिया ठीक हो जाता है। सिरके में बने मूली के अचार के सेवन से पीलिया रोग ठीक हो जाता है। लगभग आधा से 1 ग्राम मण्डूरभस्म , लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म ...