अम्लपित्त (एसिडिटीज)
- यदि गर्मी के प्रभाव से खट्ठी डकारें आती हो तो 1 कप मूली के रस में मिश्री मिलाकर सेवन करना लाभकारी होता है।
- 100 मिलीलीटर मूली के रस में 10 मिलीलीटर आंवले का रस या 3 ग्राम आंवले का चूर्ण मिलाकर सुबह, दोपहर और शाम को सेवन करने से अम्लपित्त (एसिडिटिज) मे बहुत लाभ होता है।
- मूली का रस और कच्चे नारियल के पानी को मिलाकर 250 मिलीलीटर की मात्रा में दिन भर में सेवन करने से अम्लपित्त (एसिडिटीज) में काफी आराम आता है।
- कोमल मूली को मिश्री मिलाकर खायें या इसके पत्तों के 10-20 मिलीलीटर रस में मिश्री मिलाकर रोजाना सेवन करने से अम्लपित्त (एसिडिटीज) का रोग कम हो जाता है।
- मूली के रस में चीनी मिलाकर सेवन करने से पेट की जलन, गर्मी और खट्टी डकारें आना बंद हो जाती हैं।
- 2 चम्मच मूली के रस में थोड़ी-सी मात्रा में मिश्री मिलाकर सेवन करने से खट्टी डकारों से छुटकारा मिल जाता है।मूली को काटकर सेंधा नमक लगाकर खाली पेट सुबह के वक्त खाने से लाभ होता है, ध्यान रहें कि खांसी की शिकायत हो, तो मूली का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि यह उस समय हानिकारक होगी।
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