1 कप मूली के रस में नमक और मिर्च डालकर सेवन करने से पेट साफ हो जाता है और पेट का दर्द भी दूर हो जाता है। मूली का लगभग 1 ग्राम के चौथे भाग के रस में आवश्यकतानुसार नमक और 3-4 कालीमिर्च का चूर्ण डालकर 3-4 बार रोगी को पिलाने से पेट के दर्द में लाभ मिलता है। 10 मिलीलीटर मूली का रस , 10 ग्राम यवक्षार , 50 ग्राम हिंग्वाष्टक चूर्ण , 50 ग्राम सोडा बाइकार्बोनेट , 2 ग्राम नौसादर , 10 ग्राम टार्टरी को मिलाकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण 3 ग्राम पानी के साथ खाने से हर प्रकार का पेट का दर्द दूर हो जाता है। 100 मिलीलीटर मूली का रस , 200 ग्राम घीकुंवार का रस , 50 मिलीलीटर अदरक का रस , 20 ग्राम सुहागे का फूल , 20 ग्राम नौसादर ठीकरी , 20 ग्राम पांचों नमक , 10-10 ग्राम चित्रकमूल , भुनी हींग , पीपल मूल , सोंठ , कालीमिर्च , पीपल , भुना जीरा , अजवाइन , लौह भस्म और 150 ग्राम पुराना गुड़। सभी औषधियों को पीसकर चूर्ण बनाकर मूली , घीकुंवार और अदरक के रस में मिलाकर , अमृतबा...
Comments
Post a Comment