शुक्रमेह धातु गिरना
शुक्रमेह अर्थात वीर्य का अपने आप निकल जाना होता है। इस रोग में रोगी को पेशाब करते समय वीर्य भी निकल जाता है। इस रोग के वही कारण होते हैं जो स्वप्नदोष रोग होने के होते हैं शुक्रमेह रोग क्या है जब किसी पुरुष का लिंग उत्तेजित अवस्था में होता है अर्थात बिल्कुल सख्त हो जाता है तो उस समय उसके लिंग में से थोड़ी सी मात्रा में पानी के रंग की पतली सी लेस निकलती है। यह लेस इतनी थोड़ी सी होती है कि बाहर नहीं आती लेकिन जब पुरुष का लिंग उत्तेजित अवस्था में काफी देर तक रहता है लेकिन वह संभोग नहीं करता तो यह लेस लिंग के मुंह तक आ जाती है। इसे मजी (ProstaticSecretion) कहते हैं। इस लेस के अंदर वीर्य का बिल्कुल भी अंश नहीं होता है। इसे प्रकृति ने सिर्फ संभोग के समय लिंग की नली को गीला करने के लिए बनाया है ताकि संभोग करते समय वीर्य की तेज गति के कारण लिंग छिल न जाए। ...