चमँरोग का हबँल ईलाज
- चमँरोग या रक्तविकार रक्त दूषित होन् पर होते है.ये रोग अनियमित खानपान , रहन-सहन , के कीरण उतपन्न होते है, तो कूछ रोग विरूद्ध अाहार से भी होते है.
- मानव शरिर मे विजीतीय तत्वो का संग्रह होकर रक्त मे मीलने लगता है.जिनके कारन अन्यायन्य रोग उतपन्न रोग हो जाते है. जिससे स्ञी , पुरूष , बालक सभी को अपार कष्ट जेलने के लिये विवश होना पडता है.
- शीत पित , खून की खराबी ,ऐलजी , दाद- खाज खूजली , धमोरिया , सफेद दाग , सोरायसीस वगैरा मुख्य है .
ब्लड प्युरिफायर चूरन
👉 गौमूञ हरड. 100 GMs
👉 चिरायता 50 GMs
👉 आंवला 100 GMs
👉 गीलोय. 100 GMs
👉 सौंफ. 50 GMs
👉 हल्दि 25 GMs
👉 खदिर छाल. 50 GMs
👉 मजीठ. 100 GMs
👉 नीम छाल. 50 GMs
👉 नीम पान. 50 GMs
उपर बताये गये सभी आैषधि को पंसारि से लाकर साफ करके कूटकर मीक्स करदे, आैर चूरन बनाले.
माञा ऐवं अनुपान
- सुबह शाम ४-४ ग्राम वैध की सलाह के अनुसार ले सकते है.
- अगर आप को बनाने मे कठनाई हो रहि हे तभी आप हमसे मंगवा सकते है.
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